Message

सामाजिक कार्यों को करते हुए 7 वर्ष कैसे बीत गए कुछ पता ही नहीं चला। इस समयावधि के दौरान बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ा। परन्तु संस्था के कर्मठ एवं जुझारू सहयोगियों के सहयोग, बुजुर्गों व अधिकारियों के आशीर्वाद व साथ के कारण हम अपने उद्देश्यों को पूर्ण करते हुए सफलता के परचम लहराते चले गए। आगे भी जन सहयोग एवं विश्वास व आर्थिक सहयोग की आशा करते हैं क्योंकि आप लोगों के कारण आगे की मंजिलों को पूर्ण करने का अदम्य साहस भरा हुआ है।
सारांश
संस्था ने अपने सात वर्षों के क्रियाकलापों में वे मंजिल तथा अपने वे उद्देश्य पूर्ण किये हैं जिनको 10 वर्षों में पूर्ण किया जाना था। यह कार्य बिना सरकारी सहयोग व मद्द के संस्था के कर्मठ-अनुभवी व वफादार सहयोगियों व संस्था के कार्यों को पसन्द करने वाले समाज सेवकों द्वारा पूर्ण किये गए। इनके कार्यों की एक झलकी आगे दी गई है।
1. संस्था ने जिले में ‘‘स्वयं सहायता समूहों’’ का गठन किया। उनकी देखभाल की और उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से शसक्त होने में योगदान दिया। इसमें लगभग 60 समूह बने।
2. संस्था द्वारा ‘‘निशुल्क’’ मैडिकल कैंप लगाए गए, जिनमें हजारों लोगों ने स्वास्थ्य लाभ लिया। जिसमें आयुर्वेद रत्न डा0 जगन्नाथ हुर्रिया ने मरीजों का स्वास्थ्य उपचार किया।
3. कर्मठ कार्यकर्ताओं को स्वयं सहायता समूह बनाने व उन्हें क्रियावन्तित करने के तरीके जानने के लिए उचित ट्रेनिंग दिलाई गई।
4. संस्था द्वारा भारत सरकार द्वारा प्रायोजित नई योजना एनआरएलएम की ट्रेनिंग प्राप्त की। यह परियोजना जल्द ही देश भर में लागू होगी। ताकि गरीबी कम हो सके।
5. जिले में 26 जनवरी 2011 को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक झांकी का मंचन किया जो कि चार नम्बर पर रही।
6. स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य के लिए समूहों को विभिन्न प्रकार की ट्रेनिंग पंजाब नेशनल बैंक के सहयोग से दिलाई गई। इस ट्रेनिंग कार्यक्रम में संस्था के ट्रेनरों ने भी ट्रेनिंग दी।
7. संस्था का उद्देश्य एक भीषण विपदा बेरोजगारी के प्रति लोगों को जागरूक करना है। स्वरोजगार है तो आर्थिक स्थिति मजबूत है और आर्थिक स्थिति मजबूत है तो परिवार तरक्की करेगा, परिवार की तरक्की से देश तरक्की करेगा। यही लोगों का बतलाया गया।
8. संस्था द्वारा बीपीएल श्रेणी में आने वाले लोगों को बैंक के द्वारा आर्थिक सहायता (ऋण) दिलवाने के उद्देश्य हेतु कार्यक्रम आयोजित किए गए।
9. करनाल के बला गाॅंव में बुक बाईडिंग (जिल्दसाजी) तथा फूल झाड़ू बनाने व उनको बेचने की कला सिखाई गई। यह प्रशिक्षण निर्मला मान (प्रशिक्षक) के निर्देशन में दिया गया।
10. पानीपत (बड़ोली) में लड़कों को काॅपी-रजिस्टर बनाने से लेकर उनकी मार्केटिंग का भी प्रशिक्षण दिया गया और अन्य लोगों को मूढ़े बनाने की ट्रेनिंग दी गई, जोकि अपने आप में एक अनूठा प्रयास था।
11. बैंकों के साथ मिलकर ‘‘बैंक आपके द्वारा’’ कार्यक्रम के द्वारा लोगों को बैंकों से मिलने वाली सुविधा उन सुविधाओं का प्रयोग एवं बैंकों के साथ अच्छे लेन-देन के गुण बतलाये गये जिसके तहत लगभग 600/- लोगों को बैंकों के क्रियाकलापों की जानकारी प्रदान की गई।
12. ‘‘महिलाओं के अधिकार’’ सम्बन्धी विभिन्न सेमिनार व बैठकों का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न समाज सेवकों, शिक्षाविद् व कानून शास्त्रीयों ने महिलाओं को जागरूक किया गया।
13. सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाटक मंचनों द्वारा अपने धर्म व संस्कृति व मानवता का पाठ पढ़ाया गया। इन कार्यक्रमों के प्रति लोगों का रूझान देखते ही बनता था।
14. विभिन्न विद्यालयों के सहयोग से पेड़ लगाओ अभियान तथा भू्रण हत्या व दहेज प्रथा तथा नशे के विरूद्ध नुक्कड़ सभाओं एवं गलियों कुंजों में बैनर हाथ में लेकर जुलूस निकालकर इन बुराईयों से दूर रहने का सन्देश बच्चों द्वारा दिया गया।
15. क्षेत्र में लगभग 53 गरीब कन्याओं की शादियों में जरूरी सामान, कपड़े, सिलाई मशीन, घी व चीनी की बोरियों द्वारा मद्द की गई। लगभग 116 सिलाई मशीन कम्बल व कपड़े गरीबों में समाजसेवियों के सहयोग से वितरित किये गये।
16. सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य के लिए ‘‘सौर ऊर्जा, जीवन सुखी अपना’’ कार्यक्रम चलाकर लोगों को सौर ऊर्जा के फायदे बताए व डीआरडीए पानीपत के सहयोग से लोगों को सब्सिडी पर सौर ऊर्जा लाईट उपलब्ध करवाई गई।
17. लगभग 180 महिलाओं को दुग्ध उत्पादन हेतु भैंस पालन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न बैंकों से ऋण उपलब्ध करवाया गया।
18. संस्था ने ढोने-पतल, फूल व बांस की झाड़ू, आचार मुरब्बा, चिप्स व चुलाई के लड्डू, नैपकीन पैड, विभिन्न प्रकार के सर्फ, कपड़े धोने का साबुन, शैम्पू, चटनी, सोस, बैग, सिलाई, आटा पिसाई, दलिया पैकिंग, भैंस पालन, गेहूॅं भंडारण, कपड़ा-सिलाई व ब्यूटी केयर व बालों की कटिंग व उनका रखरखाव की ट्रेनिंग गरीब-बेसहारा व समूह के सदस्यों को प्रदान करवाई।
19. क्षेत्र में 7 गरीब परिवार के घरों की छतों की मरम्मत व 5 विधवा महिलाओं के घरों की दीवारों को बनाया गया। क्षेत्र में ऐसे गरीब परिवारों के बच्चे जो स्कूल जाने में असमर्थ हैं उन्हें कापी, किताबें व स्कूल बैग व कपड़े-जूते वितरित किये गये।
20. गाॅंव लालुपुरा करनाल में हेयर एवं ब्यूटी केयर प्रशिक्षण शिविर तिमाही लगाया गया। पूर्ण होने पर प्रशिक्षु के साथ संस्था प्रधान एवं स्वयंसेवक रानी।
21. गाॅंव सालवन करनाल में भी हेयर एण्ड ब्यूटी केयर प्रशिक्षण शिविर 6 माह का लगाया गया है। प्रशिक्षण समाप्ति पर संस्था के स्वयंसेवक रोहताश के साथ गीता राणा।
22. डीआरडीए पानीपत के सहयोग से स्वयं सहायता समूह कल्याण हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण लगाया गया। यह शिविर गाॅंव किवाना पानीपत में लगाया गया।
23. गाॅंव पाढ़ा में स्वयं सेवक सीमा पाढ़ा द्वारा त्रैमासिक हेयर एण्ड ब्यूटी टिप्स का कैम्प लगाया गया। प्रशिक्षुओं के साथ सीमा पाढ़ा।
24. गाॅंव कुच्चपुर करनाल में स्वयं सेवक समता द्वारा ग्राम पंचायत के सहयोग से छह माही प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। प्रमाण पत्र वितरण समारोह के बाद प्रधान व सरपंच के साथ प्रशिक्षु व समता स्वयं सेवक व अन्य।
25. गाॅंव बैय्यापुर लहराड़ा सोनीपत में स्वयंसेवक राजेश द्वारा तिमाही सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षक के साथ प्रमाण पत्र लिए हुए प्रशिक्षु।
26. ए.डी.सी. पानीपत द्वारा उपायुक्त महोदय, पानीपत के आदेश के बाद संस्था को स्वर्ण जयन्ति ग्रामीण स्वरोजगार योजना हेतु ग्रामीणों को जागरूक करके उन्हें छोटे-छोटे कुटी उद्योग लगवाने हेतु सहयोग के लिए लगाया गया।
27. चाॅंद काॅलोनी, समालखा की फ्री कम्प्यूटर प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। जिसमें 31 शिक्षार्थियों को कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान की गई। कम्प्यूटर शिक्षा देते हुए प्रशिक्षक।
28. स्वयं सेवक सरीता धीमान द्वारा छह माही सिलाई-कटाई प्रशिक्षक कैम्प लगाया गया। प्रशिक्षुओं को सिलाई सीखने के लिए मशीनें संस्था द्वारा उपलब्ध करवाई गई।
29. संस्था द्वारा विश्वकर्मा धीमान धर्मशाला समालखा में फ्री मैडिकल चैकअप कैम्प लगाया गया। यह कैम्प तीन दिनों तक चला। दवाईयों, डाॅक्टरों व खाने की मुफ्त व्यवस्था की गई थी। कैम्प का उद्घाटन प्रशान्त शर्मा द्वारा संस्था प्रधान की देखरेख में किया गया।
30. शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में पानीपत में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें शहीदी दिवस की महता पर प्रकाश डाला गया। तत्पश्चात् भण्डारे का प्रबन्ध किया गया था। भंडारे का अवलोकन करते संस्था प्रधान।